Potka: झामुमो पोटका प्रखंड कमेटी की बैठक रविवार को प्रखंड अध्यक्ष सुधीर सोरेन की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सामने आई विसंगतियों और नोटिस को लेकर ग्रामीणों की समस्याओं पर चर्चा की गई। कार्यकर्ताओं को गांव-गांव जाकर मतदाताओं को एसआईआर प्रक्रिया की जानकारी देने और दस्तावेज संबंधी समस्याओं के समाधान में सहयोग करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में मुख्य अतिथि पोटका विधायक संजीव सरदार ने कहा कि पोटका प्रखंड में करीब 24 हजार मतदाता एसआईआर की विसंगति सूची में हैं। उन्होंने कहा कि सुधार और दावा-आपत्ति के लिए उपलब्ध समय को देखते हुए आने वाला सप्ताह महत्वपूर्ण है। बूथ स्तर के कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों में बीएलओ और ग्राम प्रधान के साथ समन्वय स्थापित कर ग्रामीणों की मदद करें।

विधायक ने कहा कि किसी भी योग्य मतदाता का नाम प्रक्रिया के कारण मतदाता सूची से नहीं छूटना चाहिए। जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, उनकी समस्याओं को समझकर आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने में सहयोग किया जाए। जरूरत पड़ने पर उन्हें प्रखंड मुख्यालय तक भी लाया जाए।
संजीव सरदार ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया का इस्तेमाल कर झारखंड के आदिवासी-मूलवासी लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि झामुमो कार्यकर्ता ऐसे किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देंगे।
उन्होंने ग्रामीणों से एसआईआर से संबंधित नोटिस और दस्तावेजी कमी को गंभीरता से लेने तथा समय-सीमा के भीतर आवश्यक सुधार और दावा-आपत्ति की प्रक्रिया पूरी करने की अपील की। विधायक ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे स्वयं भी प्रखंड में मौजूद रहकर ग्रामीणों की मदद करेंगे।
बैठक में पोटका प्रखंड की 34 पंचायतों के झामुमो कार्यकर्ता समेत पूर्व पार्षद चंद्रावती महतो, हीरामनी मुर्मू, मुखिया संगीता सरदार, सुनील महतो, रजनी षाड़ंगी, हितेश भगत, बीरेन पात्र, चक्रधर महतो, दुखु मार्डी, चमका सरदार, देव पालित और सैयद समीउल्लाह सहित अन्य नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
















