Potka: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पोटका विधायक संजीव सरदार ने सोमवार को प्रखंड मुख्यालय पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान ग्रामीणों ने मतदाता सूची से नाम कटने की आशंका, नोटिस मिलने और आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी परेशानियों से विधायक को अवगत कराया। विधायक ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ग्रामीणों ने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान दस्तावेजों को लेकर कई तरह की दिक्कतें सामने आ रही हैं। कुछ लोगों को नोटिस मिलने और मतदाता सूची में नाम को लेकर भी परेशानी हो रही है। इस पर संजीव सरदार ने कहा कि एसआईआर के नाम पर आम लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाना चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे।

विधायक ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उससे निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाने, दस्तावेजों और अन्य प्रक्रियाओं को लेकर उत्पन्न हो रही परेशानियों पर चिंता जताई। साथ ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं को सरकार के पक्ष में नहीं, बल्कि संविधान और जनता के हित में निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति के मताधिकार से समझौता नहीं होना चाहिए।
संजीव सरदार ने पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करने तथा एसआईआर से जुड़ी समस्याओं में उनकी मदद करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को नोटिस या दस्तावेजों को लेकर परेशानी है, उनकी समस्याएं संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाएं, ताकि समय रहते समाधान हो सके। विधायक ने भरोसा दिलाया कि जनता के अधिकार और मताधिकार की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवश्यक पहल जारी रहेगी।
















