Jamshedpur: जमशेदपुर दुर्गा पूजा केंद्रीय समिति के पूर्व सचिव एवं आजीवन सदस्य अरुण सिंह के नेतृत्व में समिति से जुड़े सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को उपायुक्त से मुलाकात कर केंद्रीय समिति के अध्यक्ष अचिन्त्म गुप्ता एवं उनके सहयोगियों पर वित्तीय अनियमितता और लाखों रुपये के गबन का आरोप लगाया। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की सक्षम अधिकारी से जांच कराने की मांग की।

अरुण सिंह ने आरोप लगाया कि जमशेदपुर दुर्गा पूजा केंद्रीय समिति निबंधन अधिनियम, 1860 की धारा 21 के तहत वर्ष 2017-18 में पंजीकृत है। समिति की नियमावली के अनुसार नियमित रूप से लेखा-जोखा संधारित करने और प्रत्येक वर्ष पंजीकृत अंकेक्षण पदाधिकारी से समिति का ऑडिट कराने का प्रावधान है। उनका आरोप है कि समिति के बैंक खाते का संचालन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नहीं किया गया और न ही पंजीकृत अंकेक्षण पदाधिकारी से नियमित ऑडिट कराया गया।
उन्होंने दावा किया कि पिछले तीन वर्षों से नई दुर्गा पूजा समितियों से 3,000 रुपये तथा शहर की दुर्गा पूजा समितियों से 300 रुपये प्रतिवर्ष लिए जा रहे हैं। आरोप है कि इन राशि के उपयोग और लेखा-जोखा में पारदर्शिता नहीं बरती गई। अरुण सिंह ने 2026 की आमसभा में प्रस्तुत अंकेक्षण प्रतिवेदन पर भी सवाल उठाते हुए बैंक विवरण में गड़बड़ी का आरोप लगाया और पूरे मामले की जांच की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से दुर्गा पूजा को लेकर स्लैग की उपलब्धता के संबंध में भी स्पष्ट जानकारी देने का आग्रह किया। अरुण सिंह ने कहा कि इस वर्ष अत्यधिक बारिश के कारण कई पूजा स्थलों की जमीन गीली और फिसलन भरी है। ऐसे में पूजा समितियों को समय रहते यह जानकारी मिलनी चाहिए कि उन्हें स्लैग कितना और कब तक उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके।
प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय समिति के सलाहकार रामनाथ सिंह, दिलजय बोस, महेश नंद चौबे, रितिका श्रीवास्तव, विजय तिवारी, राजू सिंह और रणजीत सरकार सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
नोट: वित्तीय गबन से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि ‘द झारखंड वायर’ न्यूज नहीं करता है। आरोप संबंधित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं।
















