Jamshedpur: जमशेदपुर को हृदय-सुरक्षित शहर बनाने के उद्देश्य से रविवार को XLRI ऑडिटोरियम में ‘दिल धड़कने दो’ अभियान का शुभारंभ किया गया। इस शहरव्यापी पहल का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का प्रशिक्षण देना और सार्वजनिक स्थानों पर एईडी (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर) मशीनों की उपलब्धता बढ़ाना है, ताकि अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में मरीज को समय पर जीवनरक्षक सहायता मिल सके।
कार्यक्रम की शुरुआत में टाटा मेन हॉस्पिटल, जमशेदपुर के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं मुख्य सलाहकार डॉ. मंदार शाह ने हृदय संबंधी आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई, सीपीआर प्रशिक्षण और एईडी मशीनों की उपयोगिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर जीवनरक्षक एईडी मशीनें स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में टाटा स्टील लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट, कॉर्पोरेट सर्विसेज डी.बी. सुंदर रामम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने इस जनहितकारी अभियान में टाटा स्टील की ओर से हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने बताया कि कंपनी के प्लांट परिसर में भी एईडी मशीनें लगाई जाएंगी। साथ ही उन्होंने कहा कि टाटा स्टील जमशेदपुर के नागरिकों के हित में हमेशा तत्पर रहेगा।
मुंबई के होली फैमिली हॉस्पिटल के मुख्य सलाहकार हृदय रोग विशेषज्ञ एवं रिवाइव हार्ट फाउंडेशन (iCARE) के संस्थापक डॉ. ब्रायन पिंटो विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने फाउंडेशन की गतिविधियों और सीपीआर व एईडी के माध्यम से जीवन बचाने के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन से प्रशिक्षित पुलिसकर्मियों, सुरक्षा गार्डों, रेलवे पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने आपात स्थितियों में कई लोगों की जान बचाने में योगदान दिया है। उन्होंने जमशेदपुर में इस अभियान की शुरुआत के लिए डॉ. मंदार शाह की सराहना की।
रिवाइव हार्ट फाउंडेशन की ऑपरेशंस हेड सुश्री सुमैया राघवन ने सीपीआर देने की तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि अब तक पांच लाख लोगों को सीपीआर देने के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। उन्होंने दर्शकों को सीपीआर की प्रक्रिया समझाने के साथ एईडी मशीन के सही इस्तेमाल का तरीका भी प्रदर्शित किया।
इस अवसर पर टाटा स्टील लिमिटेड की जनरल मैनेजर, मेडिकल सर्विसेज डॉ. विनिता सिंह ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने इस अभियान में टाटा स्टील और टाटा मेन हॉस्पिटल की भागीदारी के बारे में जानकारी दी और हृदय संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया।
अभियान के तहत रोटेरियन निकिता मेहता और रोटेरियन दीपक डोकानिया ने बताया कि जमशेदपुर के कई प्रतिष्ठित नागरिकों और संस्थानों ने एईडी मशीनें उपलब्ध कराने की पहल की है। उन्होंने शहर में 100 एईडी मशीनें लगाने के लिए सहयोग की अपील की। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों की ओर से 50 मशीनों के योगदान की घोषणा की गई।
इस पहल को XLRI, IGMA-oikos, iCARE–रिवाइव हार्ट फाउंडेशन तथा रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3250 के जमशेदपुर स्थित सभी रोटरी क्लबों का सहयोग प्राप्त है। अभियान की मुख्य टीम में शहर के विभिन्न रोटरी क्लबों के प्रतिनिधियों के साथ कई प्रतिष्ठित नागरिक भी शामिल हैं। सभी ने इस जनहितकारी मुहिम को सफल बनाने और शहर में जीवनरक्षक जागरूकता बढ़ाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
‘दिल धड़कने दो’ अभियान के माध्यम से नागरिकों को सीपीआर का प्रशिक्षण देने, एईडी मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने और आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की संस्कृति विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। आयोजकों के अनुसार, सामूहिक प्रयासों से जमशेदपुर को ऐसा शहर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है, जहां समय पर मदद और प्रशिक्षित नागरिकों की सक्रियता से अनमोल जीवन बचाए जा सकें।
















