Chandil: मंगलवार देर रात से हो रही बारिश के कारण चांडिल डैम का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। बुधवार सुबह 8 बजे तक डैम का जलस्तर 180.44 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के मद्देनजर डैम से 262.09 क्यूमेक्स पानी की निकासी की जा रही है। जल निकासी के लिए तीन रेडियल गेट खोले गए हैं। इसके अलावा रिवर स्लुइस और इमरजेंसी स्लुइस गेट के माध्यम से भी पानी छोड़ा जा रहा है।

तीन रेडियल गेट से 97.41 क्यूमेक्स पानी की निकासी
डैम के तीन रेडियल गेटों से 97.41 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, रिवर स्लुइस के दो गेटों को 0.15-0.15 मीटर की ऊंचाई पर खोला गया है, जिससे 13.49 क्यूमेक्स पानी की निकासी हो रही है। इमरजेंसी स्लुइस के दो गेट 1.50-1.50 मीटर खुले हैं। इनके माध्यम से 118.81 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।
इस प्रकार डैम से नदी में कुल 229.71 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। वहीं, नहर के दोनों गेटों को 0.50-0.50 मीटर खोलकर 32.38 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। डैम से कुल जल निकासी 262.09 क्यूमेक्स दर्ज की गई है।
506.47 एमसीएम पानी का भंडारण
बुधवार सुबह चांडिल डैम में पानी का भंडारण 506.47 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) दर्ज किया गया। जलस्तर में वृद्धि और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए डैम से पानी की निकासी जारी है।
182 मीटर के बाद गांवों में घुसने लगता है पानी
डैम का जलस्तर बढ़ने से विस्थापित गांवों के लोगों में भी चिंता बढ़ने लगी है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक किसी भी विस्थापित गांव में पानी प्रवेश नहीं किया था। बताया जाता है कि डैम का जलस्तर 182 मीटर के पार पहुंचने के बाद विस्थापित गांवों में पानी घुसने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि पर ग्रामीणों की नजर बनी हुई है।
















