Jamshedpur: डिमना चौक से पारडीह चौक के बीच स्थित लगभग 13 एकड़ सरकारी भूमि पर कचरा निस्तारण और भविष्य में जमीन के उपयोग को लेकर स्थानीय लोगों ने अपनी मांग तेज कर दी है। सौरभ विष्णु, अध्यक्ष जन विकास मंच एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी, के नेतृत्व में आसपास की कॉलोनियों और बस्तियों के प्रतिनिधियों ने वसुंधरा एस्टेट पहुंच मार्ग पर सभा आयोजित कर सर्वसम्मति से तीन-सूत्री संकल्प पारित किया। संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा करते हुए संकल्प पत्र को उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम को ज्ञापन के रूप में सौंपने की जानकारी दी गई।
पहले कचरा हटे, फिर जमीन के उपयोग पर हो फैसला
सभा में पारित पहले संकल्प के तहत डिमना चौक–पारडीह चौक के बीच सरकारी भूमि पर जमा कचरे को वैज्ञानिक तरीके से पूरी तरह हटाने की मांग की गई। स्थानीय प्रतिनिधियों ने कहा कि कचरे को केवल फैलाकर समतल करने, दबाने या जलाने के बजाय उसका उचित निस्तारण किया जाए। इसके बाद जमीन की वैज्ञानिक जांच कर उसे सुरक्षित घोषित किया जाए।
दूसरे संकल्प में जमीन के भविष्य के उपयोग को लेकर अंतिम निर्णय लेने से पहले आसपास की कॉलोनियों और बस्तियों के निवासियों के साथ खुला जन-परामर्श आयोजित करने की मांग की गई।
तीसरे संकल्प के तहत इस भूमि पर या इसके पर्याप्त हिस्से में बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए निःशुल्क सार्वजनिक खेल मैदान तथा अन्य जन-सुविधाएं विकसित करने की मांग रखी गई।
CPCB के दिशानिर्देशों का दिया हवाला
सौरभ विष्णु ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के फरवरी 2019 में जारी Guidelines for Disposal of Legacy Waste (Old Municipal Solid Waste) के खंड 4.4.4, पृष्ठ 22 का हवाला देते हुए कहा कि पुराने कचरे से मुक्त कराई गई भूमि के उपयोग को लेकर निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि इन दिशानिर्देशों के अनुसार ऐसी भूमि पर कम से कम 15 वर्षों तक आवासीय निर्माण की अनुमति नहीं है, जबकि खुले स्टेडियम, खेल मैदान, पार्क और उद्यान जैसे उपयोगों का विकल्प मौजूद है। संबंधित दिशानिर्देशों के अंश और मूल पृष्ठों की प्रतियां भी संलग्न किए जाने की बात कही गई।
हजारों परिवारों के लिए खेल मैदान की मांग
सौरभ विष्णु ने कहा कि संबंधित भूमि आवासीय कॉलोनियों और बस्तियों के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-33 के किनारे स्थित है। क्षेत्र में हजारों परिवार रहते हैं, लेकिन बच्चों और युवाओं के खेलने के लिए पर्याप्त सार्वजनिक खुली जगह उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इस भूमि का उपयोग जनहित में खेल मैदान और हरित क्षेत्र विकसित करने के लिए किया जाना चाहिए।
उन्होंने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के 23 सितंबर 2026 के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि आदेश में भूमि पर नियमों के विरुद्ध कचरा डालने पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है। स्थानीय निवासी उक्त आदेश का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
घर-घर सर्वे शुरू, उपायुक्त को सौंपा जाएगा ज्ञापन
सभा में निर्णय लिया गया कि तीन-सूत्री संकल्प को स्थानीय प्रतिनिधियों के हस्ताक्षर के साथ ज्ञापन के रूप में उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम को सौंपा जाएगा। इसके साथ ही क्षेत्र में घर-घर सर्वे भी शुरू किया गया है, ताकि स्थानीय निवासियों की राय और समर्थन को सामने लाया जा सके।
इस अवसर पर सौरभ विष्णु ने कहा, “हम वही मांग रहे हैं, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दिशानिर्देश कहते हैं। पहले कचरा पूरी तरह हटे और जमीन की वैज्ञानिक जांच हो, फिर खुला, हरा और सुरक्षित खेल मैदान बने। यह मांग किसी एक व्यक्ति या दल की नहीं, डिमना के हर घर की है। पहले सफाई, फिर डिमना तय करे।”
कई कॉलोनियों के प्रतिनिधि हुए शामिल
सभा में वसुंधरा स्टेट, रिपीट कॉलोनी, डिमना बस्ती, ग्वाला बस्ती, दलमा बेस कॉलोनी, चंद्रावती नगर, दलमा एन्क्लेव और शांति विहार सहित विभिन्न क्षेत्रों के स्थानीय लोगों ने भाग लिया।
सभा में प्रमुख रूप से सुमन शर्मा, दीपक, संदीप, पंकज तिवारी, बबलू सिंह, विनोद सिंह, बप्पी दा, दीपक तिवारी, पिंटो, शुभम शर्मा, आनंद पांडेय, विकास आनंद सिंह, पंकज प्रसाद, राकेश, बिपिन, राज कुमार यादव एवं विकास महतो उपस्थित रहे।
स्थानीय लोगों की इस पहल के बाद अब इस जमीन पर कचरा निस्तारण, सुरक्षा जांच और भविष्य में सार्वजनिक खेल मैदान विकसित करने की मांग को लेकर प्रशासन के अगले कदम पर नजर रहेगी।
















