Ranchi: झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बुधवार, 30 सितंबर को समाप्त हो जाएगी। झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि समयसीमा को अब और बढ़ाने पर विचार नहीं किया जा रहा है।
सीईओ ने बताया कि मतदाताओं की सुविधा को देखते हुए निर्वाचन आयोग पहले ही दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा दो बार बढ़ा चुका है। अब विभाग का फोकस प्राप्त हुए भौतिक प्रपत्रों के डिजिटलीकरण और आगे की सत्यापन प्रक्रिया पर रहेगा।
नोटिस और सत्यापन की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव
के. रवि कुमार ने बताया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से नोटिस जारी करने और सत्यापन की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव निर्वाचन आयोग को भेजा गया है। हालांकि, फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर ही रहेगी।
शुरुआत में दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 5 अगस्त से 4 सितंबर तक निर्धारित की गई थी। इसके बाद निर्वाचन आयोग ने इसे बढ़ाकर 15 सितंबर कर दिया। साथ ही संशोधित मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 7 अक्टूबर से बढ़ाकर 19 अक्टूबर कर दी गई। बाद में आवेदन और आपत्तियां दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी गई, जबकि संशोधित मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख 19 अक्टूबर ही रखी गई।
अब तक मिले लाखों आवेदन
सीईओ के अनुसार, सोमवार तक एसआईआर के तहत फॉर्म-6 के करीब 6.32 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। वहीं, फॉर्म-7 के तहत 11,732 आपत्तियां और फॉर्म-8 के तहत करीब 4.27 लाख आवेदन मिले हैं।
उन्होंने राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एसआईआर प्रक्रिया को लेकर बैठक भी की। सीईओ ने राजनीतिक दलों से पात्र मतदाताओं की पहचान करने और उन्हें आवश्यक प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध कराने में सहयोग की अपील की।
मसौदा सूची में 43.61 लाख नाम कम
निर्वाचन आयोग ने 5 अगस्त को झारखंड में मसौदा मतदाता सूची जारी की थी। इसमें पहले की तुलना में 43.61 लाख नाम कम किए गए थे। एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से पहले राज्य में करीब 2.64 करोड़ मतदाता दर्ज थे।
मसौदा मतदाता सूची जारी होने के बाद कुल मतदाताओं की संख्या घटकर करीब 2.21 करोड़ रह गई। इनमें 1.12 करोड़ पुरुष, 1.08 करोड़ महिलाएं और 260 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं।
















