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Jamshedpur: NHRC के निर्देश पर भी नहीं भेजी गई रिपोर्ट, एमजीएम छत हादसे में सौरभ विष्णु ने उठाए सवाल

Jamshedpur: एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुए छत हादसे के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के निर्देश के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा अब तक आयोग को जांच रिपोर्ट नहीं भेजे जाने का मामला सामने आया है। यह जानकारी जन विकास मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु द्वारा दायर सूचना के…

The Jharkhand Wire

Jamshedpur: एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में हुए छत हादसे के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के निर्देश के बावजूद जिला प्रशासन द्वारा अब तक आयोग को जांच रिपोर्ट नहीं भेजे जाने का मामला सामने आया है। यह जानकारी जन विकास मंच के अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी सौरभ विष्णु द्वारा दायर सूचना के अधिकार (RTI) आवेदन के जवाब में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दी है।

जानकारी के अनुसार, 3 मई 2025 को एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में छत गिरने की घटना में डेविड जॉनसन, लुकास साइमन तिर्की, श्रीचंद तांती और रेणुका देवी की मौत हुई थी। घटना को लेकर सौरभ विष्णु की शिकायत पर NHRC ने 10 जुलाई 2026 को पूर्वी सिंहभूम के जिला दंडाधिकारी को निर्देश जारी किया था।

आयोग ने निर्देश दिया था कि शिकायतकर्ता को साथ लेकर मामले की जांच की जाए, की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया जाए और चार सप्ताह के भीतर आयोग को रिपोर्ट भेजी जाए। हालांकि, सौरभ विष्णु के RTI आवेदन के जवाब में आयोग ने 23 सितंबर 2026 को बताया कि उसके अभिलेख के अनुसार संबंधित प्राधिकारी से अब तक कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।

सौरभ विष्णु के मुताबिक, उन्होंने इस मामले में 24 अगस्त और 2 सितंबर को उपायुक्त कार्यालय में दो पत्र भी दिए थे। उनके अनुसार दोनों पत्र कार्यालय में प्राप्त हुए, लेकिन अब तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला और न ही उन्हें किसी जांच में शामिल किया गया।

17 महीने बाद भी मुआवजे का इंतजार

मामले में मुआवजे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। एमजीएम अस्पताल की ओर से 31 अगस्त को RTI के तहत दिए गए जवाब में बताया गया कि मुआवजा राशि के भुगतान की प्रक्रिया अभी जारी है। यानी घटना के करीब 17 महीने बाद भी चार मृतकों के परिवारों को मुआवजे का इंतजार है।

सौरभ विष्णु ने कहा कि चार परिवारों ने सरकारी अस्पताल में अपने प्रियजनों को खोया है। उनके मुताबिक, जब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जांच और रिपोर्ट के लिए स्पष्ट निर्देश दिए हैं, तब भी रिपोर्ट नहीं भेजे जाने से जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि इस बात से जुड़ा है कि यदि मानवाधिकार आयोग के निर्देश के बाद भी कार्रवाई और रिपोर्ट में देरी हो, तो पीड़ित परिवार न्याय के लिए कहां जाएं।

RTI के जरिए मांगी गई कार्रवाई की स्थिति

मामले में आगे की कार्रवाई के तहत सौरभ विष्णु ने उपायुक्त कार्यालय में RTI आवेदन देकर जांच की स्थिति, NHRC को भेजी गई रिपोर्ट, मुआवजा राशि की प्राप्ति तथा चारों मृतकों के परिवारों को भुगतान की अलग-अलग स्थिति की जानकारी मांगी है।

इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी सभी संबंधित दस्तावेज भेजते हुए मामले में अनुपालन नहीं होने पर संज्ञान लेने और केस को पुनः खोलने का अनुरोध किया है।


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