Jamshedpur: सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव में गुरुवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे जमशेदपुर को झकझोर कर रख दिया। हादसे में कार्मेल जूनियर कॉलेज, सोनारी में कक्षा 12वीं में पढ़ने वाले चार छात्रों की मौत हो गई। मृतकों में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह और रत्नेश कुमार सिंह की 18 वर्षीय बेटी युविका (तृषा ) सिंह भी शामिल हैं।

मृतकों की पहचान सोनारी सातवां एक्सटेंशन रोड निवासी राजीव गुप्ता के 17 वर्षीय पुत्र नमन गुप्ता, सोनारी कांट्रैक्टर्स एरिया स्थित एसडीएस रिजेंसी निवासी सीए चेतन अग्रवाल के 17 वर्षीय पुत्र सार्थक अग्रवाल तथा आदित्यपुर इमली चौक निवासी उद्योगपति पंकज खंडेलवाल की 17 वर्षीय पुत्री वंशिका खंडेलवाल के रूप में हुई है।

सार्थक के घर पर कर रहे थे ग्रुप स्टडी
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार, चारों छात्र रात में सोनारी निवासी सार्थक अग्रवाल के घर पर थे। बताया जा रहा है कि सार्थक के माता-पिता चार धाम यात्रा पर गए हुए हैं और घर पर उनकी दादी मौजूद थीं। चारों छात्र वहां रुककर पढ़ाई कर रहे थे।


बताया गया कि चारों एक ही स्कूल में कक्षा 12वीं के छात्र थे और आपस में दोस्त थे। देर रात वे कार से बाहर निकले। हादसे के समय कार सार्थक अग्रवाल के पिता की बताई जा रही है और वाहन सार्थक ही चला रहा था।
दोमुहानी की ओर से लौटते समय हुआ हादसा
जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, रात करीब दो बजे चारों छात्र सोनारी दोमुहानी नदी की ओर से मरीन ड्राइव की तरफ आए थे। कार में आगे दोनों युवक बैठे थे, जबकि पीछे दोनों छात्राएं बैठी थीं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की रफ्तार काफी तेज थी। प्रारंभिक अनुमान में वाहन की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक बताई जा रही है। इसी दौरान सड़क पर खराब होकर खड़े एक ट्रक से कार की जोरदार टक्कर हो गई।
सड़क पर करीब रात 10 बजे से खड़ा था ट्रक
बताया जा रहा है कि जिस ट्रक से कार टकराई, वह रात करीब 10 बजे से ही सड़क पर खराब होकर खड़ा था। अंधेरा होने और कार की तेज रफ्तार के कारण चालक को सड़क पर खड़ा ट्रक समय रहते दिखाई नहीं दिया।
टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा ट्रक के पिछले हिस्से में बुरी तरह घुस गया। हादसे में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और चारों छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद मची चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की तेज आवाज के बाद आसपास के लोगों को घटना की जानकारी हुई। कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। ट्रक चालक ने स्थानीय लोगों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। कार बुरी तरह ट्रक में फंसी होने के कारण चारों शवों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब एक घंटे की कोशिश के बाद शवों को बाहर निकाला जा सका।
सूचना मिलते ही सोनारी थाना पहुंचा परिवार
हादसे की सूचना मिलने के बाद युविका सिंह के परिवार में भी कोहराम मच गया। बताया गया कि उनके पिता रत्नेश कुमार सिंह जमशेदपुर के कदमा स्थित दिंदली इंक्लेव में रहते हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार सोनारी थाना पहुंचा।
पुलिस ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी शवों को एमजीएम अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम के बाद युविका सिंह का शव रांची भेज दिया गया। वहीं, अन्य तीनों मृतकों के शवों को फिलहाल शीतगृह में रखा गया है।
पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के वास्तविक कारण, वाहन की गति और दुर्घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
















